DNA24X7NEWS★भोपाल मध्यप्रदेश की राजनीति में वंदे मातरम को लेकर हुए विवाद का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा

भोपाल

मध्यप्रदेश की राजनीति में वंदे मातरम को लेकर हुए विवाद का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है।इसी कड़ी में आज पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वल्लभ भवन के प्रांगण में वंदे मातरम गाया।इस दौरान उनके साथ नरोत्तम मिश्रा ,राकेश सिंह समेत अनेक पूर्व मंत्री और विधायक मौजूद रहे।बताते चले कि बीते दिनों उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी भी

दरअसल, बीते दिनों कमलनाथ सरकार ने हर महिने की पहली तारीख को मंत्रालय में वंदेमातरम् गाये जाने को लेकर रोक लगा दी थी । जिसको लेकर खूब बवाल भी मचा था। भोपाल से लेकर दिल्ली तक के नेताओं ने कमलनाथ के इस फैसले की निंदा की थी। वही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने ट्वीटर के माध्यम से चेतावनी देते हुए कहा था कि ‘हमारे सभी 109 विधायक 7 जनवरी को भोपाल स्थित सचिवालय में वंदे मातरम गाएंगे।’ इसी के चलते आज शिवराज अपने सभी विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ वंदेमातरम् गाने पहुंचे।

इस मौके पर शिवराज ने कहा कि आज हमने वंदेमातरम का निर्णय इसलिए किया था कि हमारी बीजेपी सरकार ने इसके गायन की शुरुआत की थी, लेकिन नई सरकार ने परंपरा को तोड़ा था, इसलिए हमें आज यहां वंदे मातरम गायन करने का निर्णय किया था।कांग्रेस की सरकार ने वंदेमातरम पहले बंद किया, लेकिन विरोध हुआ और उस पर हमारे मध्य प्रदेश के नागरिकों का दबाव पड़ा, तो इसे नए स्वरूप में लागू करने की बात कही है। वंदे मातरम का कोई नया पुराना स्वरूप नहीं होता। वंदे मातरम सिर्फ वंदे मातरम है।

उन्होंने कहा कि पहले हमने तय किया था वंदेमातरम गायन के बाद हम विधानसभा तक मार्च करते हुए जाएंगे, लेकिन अब कांग्रेस सरकार ने इसे बाधित करने की अपनी मंशा वापस ले ली है, तो हमने मार्च का फैसला निरस्त कर दिया है। भारत माता का गान वंदेमातरम देशभक्ति का पर्याय है । सरकार ने इसे बंद करने का फैसला वापस ले लिया है और अलग फार्म में शुरू करने की बात कह रही है। वंदेमारतम का फार्म केवल भारत माता की जय होता है, दूसरा कोई फार्म नहीं होता है।

राज.बोराणा

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